Happy dhanteras

धन से ही तो रस हैं सारे
धन ही सुख-दुख के सहारे

धन ने किये हैं रोशन बाजार
बिन धन यहाँ न कोई मनुहार

धन ही पहचान,यही अभिमान
सिवा इस रस के न कोई गुणगान

गज़ब है चाह न दिल कभी भरता
पीने को ये रस हर कोई मचलता
उमर बीत जाए न होगा कभी बस!
जितना मिले ले लें धन ते रस.

“मन में संतोष-सबसे बड़ा धन”
तन-मन-धन सबसे समृद्ध रहने का प्रयास करते बीते वक्त हम सभी का ।
”धन तेरस की शुभकामनाएँ”