Antim yatra

किसी शायर ने अपनी अंतिम यात्रा का क्या खूब वर्णन किया है….. था मैं नींद में और मुझे इतना सजाया जा रहा था…. बड़े प्यार से मुझे नहलाया जा रहा था…. ना जाने था वो कौन सा अजब खेल मेरे … Continue reading