Bhabhi

बेटीयो के बाद जो
मैके के आँगन को महकाती—
वो भाभी कहलाती —-
माँ बाप के बाद जिसपर
बेटीयाँ हक जतलाती —-
वो भाभी कहलाती —-
सहे नंनद की हुकूमत सारी
स्नेह की है जो पिटारी
दिल में कितना ही तूफान भरा हो —-
पर लबों से जो मुस्कान लुटाती—-
वो भाभी कहलाती —-
भाईदूज सावन सिंधारा राखी
नंनदों की जमघट जो घर में लगाती —-
वो भाभी कहलाती —-
भाई- बहन के बीच जो
प्रेम सेतू बन जाती —-
वो भाभी कहलाती —-👣👣👣👣👣👣👣👣👣👣
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सभी “”भाभीयों”” को समर्पित 🌴🌼🌴🌼🌴🌼🌴🌼🌴🌼