Ankahi

वह कहता था वह सुनती थी जारी था एक खेल कहने सुनने का खेल में थी दो पर्चियाँ एक में लिखा था ‘कहो’ एक में लिखा था ‘सुनो’ अब यह नियति थी या महज़ संयोग उसके हाथ लगती रही वही … Continue reading