Sas bahu ki marwadi kavita

सास बहु की मारवाड़ी कविता: मत कर सासु बेटो बेटों ओ तो मिनख हमारो है जद पहनतो बाबा सूट जद ओ गुड्डू थारो हो अब ओ पहरे कोट पेंट.   अब ओ डार्लिंग म्हारो है जद ओ पीतो बोतल में दूध … Continue reading

Father

जब मम्मी डाँट रहीं थी तो कोई चुपके से हँसा रहा था, वो थे पापा. . . . जब मैं सो रहा था तब कोई चुपके से सिर पर हाथ फिरा रहा था , वो थे पापा. . . . … Continue reading

Maine har roz jamane ko

मैंने .. हर रोज .. जमाने को .. रंग बदलते देखा है …. उम्र के साथ .. जिंदगी को .. ढंग बदलते देखा है .. !! वो .. जो चलते थे .. तो शेर के चलने का .. होता था … Continue reading