Har hosle ko ajmana chahta hu

होंसले को आजमाना चाहता हूँ। इक नया जोखिम उठाना चाहता हूँ । कामयाबी देखना मिलकर रहेगी , मुश्किलों को बस हराना चाहता हूँ । वह गजल लिखकर रहूंगा जिंदगी की , जो लबों पर गुनगुनाना चाहता हूँ । अब उदासी … Continue reading