Baar baar

बार बार रफू करता रहता हूँ जिन्दगी की जेब… कम्बखत फिर भी निकल जाते हैं खुशियों के कुछ लम्हें…II

Nazro ke tir

उनकी नज़रों के तीर—-> तो बस हमारी जान लेने का बहाना था,,! दिल (¯`v´¯)         `•.¸.•´ हमारा बिखर गया तो वो बोली वाह! क्या निशाना था 💖💘💞💘💖💘💞💘💖

Antim yatra

किसी शायर ने अपनी अंतिम यात्रा का क्या खूब वर्णन किया है….. था मैं नींद में और मुझे इतना सजाया जा रहा था…. बड़े प्यार से मुझे नहलाया जा रहा था…. ना जाने था वो कौन सा अजब खेल मेरे … Continue reading