Aapa pacha gav chala

आओ पाछा गाँव चालां छोटा सा गाँव मेरा, पूरा बिग बाजार था…!! एक नाई, एक मोची, एक कालिया लुहार था..!! छोटे छोटे घर थे, हर आदमी बङा दिलदार था..!! कही भी रोटी खा लेते, हर घर मे भोजऩ तैयार था..!! … Continue reading

KAHI DUR CHAL

शहरों की चहलकदमी से, दिल कहता है कहीं दूर चल, गर्म चाय, कुछ गीत पुराने, सर्द सी रातें, नर्म सा कम्बल। दिन प्रतिदिन बस चल-चल कर जब राहगीर थक जाता है, बीती यादें, कल के सपने, सर्द सी रातें, नर्म … Continue reading

Dost yaad aate hai

: मै यादों का किस्सा खोलूँ तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं. मै गुजरे पल को सोचूँ तो, कुछ दोस्त बहुत याद आते हैं. अब जाने कौन सी नगरी में, आबाद हैं जाकर मुद्दत से. मै देर रात तक … Continue reading

Bas yahi hai jindagi

कितना सुंदर लिखा है किसी ने। प्यास लगी थी गजब की…मगर पानी मे जहर था… पीते तो मर जाते और ना पीते तो भी मर जाते… बस यही दो मसले, जिंदगीभर ना हल हुए!!! ना नींद पूरी हुई, ना ख्वाब … Continue reading

Ek pati ki kalam se

एक पति की कलम से…. “मेरी पत्नी  शिक्षक नही, पर बच्चों की सबसे बड़ी गुरु वही है । वो चिकित्सक भी नही, पर हमारे हर मर्ज का इलाज है उसके पास। वो एम.बी.ए. भी नही, पर घर/बाहर का मेनेजमेन्ट जानती … Continue reading