Husband and wife

​*(Aaj fir kuchh meri kalam se )….*✍🏻
*प्रिय पतिदेव,*

 

नहीं कहती हूँ आपसे कि चाँद -तारे तोडकर लाओ,

पर जब आते हो, एक मुस्कान साथ लाया करो।
नहीं कहती, के मुझे सबसे ज्यादा चाहो,

पर एक नज़र प्यार से तो उठाया करो।
नही कहती, के बाहर खिलाने ले जाओ,

पर एक पहर साथ बैठ के तो खाया करो।
नही कहती, के हाथ बंटाओ मेरा,

पर कितना करती हूँ, देख तो जाया करो।
नही कहती, के हाथ पकड के चलो मेरा,

पर कभी दो कदम साथ तो आया करो।
यूँ ही गुज़र जाएगा जिंदगी का सफ़र भागते भागते,

एक पल थक के साथ तो बैठ जाया करो।
नही कहती, के कई नामों से पुकारो,

एक बार फुर्सत से “सुनो” ही कह जाया करो।
नहीं कहती हूँ आपसे कि चाँद -तारे तोडकर लाओ,

पर जब आते हो, एक मुस्कान साथ लाया करो।
                          

Welcome sardi 

​जाड़े की धूप🌅🌅🌅🌅
             🍎🍎🍎 टमाटर का सूप ।।
मूंगफली के दाने
            छुट्टी के बहाने ।।
तबीयत नरम
                पकौड़े गरम ।।
ठंडी हवा🌊🌊🌊
              I  ☁☁☁☁मुँह से धुँआ ।।
फटे हुए गाल
             सर्दी से बेहाल ।।
तन पर पड़े👕👕👕👕
                 ऊनी कपड़े ।।
दुबले भी लगते🚶🚶🚶🚶🚶
                   मोटे तगड़े ।।
किटकिटाते दांत

😬😬😬😬😬

             ठिठुरते ये हाथ ।।
जलता अलाव
              हाथों का सिकाव ।।
गुदगुदा बिछौना
                रजाई में सोना ।।
सुबह का होना
                सपनो में खोना ।।
स्वागत है सर्दियों का आना
आपको सर्दी की शुभकामनांए👏👏👏👏

Welcome sardi 

​जाड़े की धूप🌅🌅🌅🌅
             🍎🍎🍎 टमाटर का सूप ।।
मूंगफली के दाने
            छुट्टी के बहाने ।।
तबीयत नरम
                पकौड़े गरम ।।
ठंडी हवा🌊🌊🌊
              I  ☁☁☁☁मुँह से धुँआ ।।
फटे हुए गाल
             सर्दी से बेहाल ।।
तन पर पड़े👕👕👕👕
                 ऊनी कपड़े ।।
दुबले भी लगते🚶🚶🚶🚶🚶
                   मोटे तगड़े ।।
किटकिटाते दांत

😬😬😬😬😬

             ठिठुरते ये हाथ ।।
जलता अलाव
              हाथों का सिकाव ।।
गुदगुदा बिछौना
                रजाई में सोना ।।
सुबह का होना
                सपनो में खोना ।।
स्वागत है सर्दियों का आना
आपको सर्दी की शुभकामनांए👏👏👏👏

Happy diwali

​” एक दिया ऐसा भी हो, 

जो भीतर तलक प्रकाश करे ,
एक दिया मुर्दा जीवन में फिर आकर क़ुछ.श्वास भरे !
एक दिया सादा हो इतना , 

जैसे सादा-सरल साधु का जीवन,
एक दिया इतना सुन्दर हो , 

जैसे देवों का उपवन !
एक दिया भेद मिटाये , 

क्या तेरा -क्या मेरा है ,
एक दिया जो याद दिलाये , 

हर रात के बाद सवेरा है !
एक दिया उनकी खातिर हो, जिनके घर में दिया नहीं ,
एक दिया उन बेचारों का जिनको घर ही दिया नहीं !
एक दिया सीमा के रक्षक , 

अपने भारत के वीर जवानों का ,
एक दिया मानवता – रक्षक , चंद बचे(मुट्ठी भर) इंसानों का !
एक दिया विश्बास दे उनको ,

जिनकी हिम्मत टूट गयी ,
एक दिया उस राह में भी हो , 

जो कल पीछे छूट गयी !
एक दिया जो अंधकार का , 

जड़ के साथ विनाश करे ,
एक दिया ऐसा भी हो , 

जो भीतर तलक प्रकाश करे ,”- 
प्रकाशोत्तसव “दीपावली ” पर आप सब को

हार्दिक -शुभकामनाएं –

Jindagi

​जिंदगी आसान नहीं होती,   

इसे आसान बनाना पड़ता है…..
..कुछ ‘अंदाज’ से,

 कुछ

 ‘नजर अंदाज ‘से!! 🍁

Thoda sabra kar

​अच्छे दिन बदल गए,

तो बुरे दिन भी बदल जाएँगे …

थोड़ा धीरज रख तू,

सारे हालात संभल जाएँगे …
या तो बरस जाने दे बादल,

या हवा का इन्तजार कर शांति से …

असीमित गम के बादल,

सुख की धूप में टल जाएँगे …
धरती घूमती है हमेशा,

और मौसम बदलते रहते हैं यूँ ही …

तपते, जलाते, गर्म, सर्द,

सब दिन और मौसम बदल जाएँगे …
दरवाजा बंद कर,

और बिना आवाज थोड़ा रो ले …

आंसुओं के साथ,

सब दुःख दर्द पिघल जाएँगे …
पितृपक्ष में मांग माफ़ी पितरों से,

देवों से, दोस्तों और दुशमनों से भी …

सबका भला कर,

तेरे पुण्य कर्म तेरी खुशियों में ढ़ल जाएँगे॥