Happy winter

͡    👒  ͜   
❥○━○━♡━❥❥
पूरी दुनिया नफ़रतों में जल

रही है,

इसीलिए इस बार ठण्ड कम

लग रही है…!
💔 ❥○━○━ ❥ღ•°ಥ ¹..✍

ले जाना ए दिसंबर उदासियां सारी मेरे यार की
अगली जो सुबह हो तो सिर्फ मुस्कुराहटें लाए..

Happy new year 2016

जिन्दगी का एक ओर वर्ष कम हो चला,
कुछ पुरानी यादें पीछे छोड़ चला..

कुछ ख्वाईशैं दिल मे रह जाती हैं..
कुछ बिन मांगे मिल जाती हैं ..

कुछ छोड़ कर चले गये..
कुछ नये जुड़ेंगे इस सफर मे ..

कुछ मुझसे बहुत खफा हैं..
कुछ मुझसे बहुत खुश हैं..

कुछ मुझे मिल के भूल गये..
कुछ मुझे आज भी याद करते हैं..

कुछ शायद अनजान हैं..
कुछ बहुत परेशान हैं..

कुछ को मेरा इंतजार हैं ..
कुछ का मुझे इंतजार है..

कुछ सही है
कुछ गलत भी है.
कोई गलती तो माफ कीजिये और
कुछ अच्छा लगे तो याद कीजिये।

💥नव वर्ष  की हार्दिक  शुभकामनाएँ  2016💥

image

image

Aapa pacha gav chala

आओ पाछा गाँव चालां

छोटा सा गाँव मेरा,
पूरा बिग बाजार था…!!

एक नाई,
एक मोची,
एक कालिया लुहार था..!!

छोटे छोटे घर थे, हर आदमी बङा दिलदार था..!!

कही भी रोटी खा लेते, हर घर मे भोजऩ तैयार था..!!

बाड़ी की सब्जी मजे से खाते थे, जिसके आगे शाही पनीर बेकार था…!!

दो मिऩट की मैगी ना पितज़्ज़ा,
झटपट टिकड़ॉ , भुजिया, आचार, या फिर दलिया तैयार था…!!

नीम की निम्बोली और बोरिया सदाबहार था….
छोटा सा गाँव मेरा पूरा बिग बाजार था…!!

रसोई के परात या घड़ा को बजा लेते,
भंवरू पूरा संगीतकार था…!!

मुल्तानी माटी से तालाब में नहा लेते, साबुन और स्विमिंग पूल बेकार था…!!

और फिर कबड्डी खेल लेते,
हमें कहाँ क्रिकेट का खुमार था..!!

दादी की कहानी सुन लेते,
कहाँ टेलीविज़न और अखबार था…!!

भाई -भाई को देख के खुश था, सभी लोगों मे बहुत प्यार था..!!

छोटा सा गाँव मेरा पूरा बिग बाजार था…!!!

Kabhi ghabrana nahi

छोटे से जीवन में
रोना क्या शोक मनाना क्या ….
राह चलते लगी ठोकरें
तो इतना चिल्लाना क्या ….

हरेक कदम पर
जिन्दगी एक नया इम्तहान है ….
आए कभी कठिन प्रश्न
तो इसमें इतना घबराना क्या ….

दुनियाँ में
कोई चुनौती कभी अपराजेय नहीं रही ….
बगैर लड़े ही
रण छोड़कर कायर कहलाना क्या ….

जहाँ में आए हैं
तो जाएंगे भी जैसे सब चले गए ….
घूमती हुए धरती को
अपनी जागीर बनाना क्या ….

मिट्टी का तन
मिट्टी में मिल जाएगा एक दिन ….
इस पर चर्बी चढ़ाने को
परिश्रम से जी चुराना क्या ….

सभी का आख़िरी पड़ाव
श्मशान ही रहा है सदा से ही ….
फिर किसी दुकान पर
कफ़न देख कर डर जाना क्या ….

आओ नाचें-गाएँ
खूब मौज मनाएँ मिल कर ….
खूबसूरत जिंदगी है
इसे बिना जिए ही मर जाना क्या ॥

Father -daughter

DAUGHTER TO FATHER:

Mujhe Itnaa Pyaaar Naa Do papa,

Kal Jane Ye Mujhe Naseeb Na Ho

Ye Jo Maatha Chuuma Karte Ho,

Kal Iss Par Shikkan Azeeb Na Ho

Mein Jab Bhi Roti Hoon papa,

Tum Aansun Poncha Karte Ho

Mujhey Itni Door Na Chhor Aana,

Mein Roun Or Tum Qareeb Na Ho

Mere Naaz Uthaate Ho papa,

Mujhe Laad Ladate Ho papa

Meri Chotti-2 Khwahish Parr,

Tum Jaan Lootate Ho papa

Kal Aisaa Naa Ho Ek Nagri Meinn,

Mein Tanha Tum Ko Yaad Karun
Aur Ro Ro Kar Fariyaaad Karun,

Aey Bhagwan Mere papa Saa Koi Pyaaar Jataane
Wala Ho

Mere Naaz Uthane Wala Ho .
~~~~~~~~~~~~~~~~
Reply Of FATHER…..!!
Jo Soch Rahi Ho Tum Beti Wo Sab To Ek Maya Hai

Koi Baap Apni Beti Ko Kab Jaane Se Rok Paya Hai

Sach Kahte Hai Duniyaan Wale
Beti To Dhann Parayaa Hai

Gharr Gharr Ki Yahin Kahaani Hai

Duniyaan Ki Ye Reet Puraani Hai

Har Baap Nibhaaata Aaya Hai

Tere Baap Ne Bhi Nibhani Hai…!! 